Click here to Install JAINAR APP.

Poem # Makar sakranti #


Jai jinendra everyone....plz read my this poem nd give comments

.

                मकर संक्रांति 

मकर संक्रांति का यह पर्व जीवन में खुशियां लाता है

हर नववर्ष के बाद यह त्यौहार आता है।

ठिठुरन भरे जाड़े में प्यार की गर्मी लाता है 

दिलों का यह त्यौहार सबके मन को भाता है।

कोई इसे पोंगल बोले कोई इसे लोहड़ी

कोई इसे माघी बोले कोई इसे खिचड़ी ।

अनेकों नाम लिये यह पर्व एकता का संदेश देता है 

गुड़ रेवड़ी लड्डू से जीवन में मिठास लाता है।

तिल तिल कर क्या जिंदगी जीना

 जीवन नश्वर है भाई 

पतंग की तरह शान से उठो

दान की महिमा बतलायी 

 

स्वाती जैन 

हैदराबाद

169 Views

Comments


swatisandeepjain 28 w

Thanks mam

 
  • Like
  • Love
  • HaHa
  • WoW
  • Sad
  • Angry
 
Anupama Jain 28 w

Nice

 
  • Like
  • Love
  • HaHa
  • WoW
  • Sad
  • Angry